कोच्चि पंचांग, 7 नवंबर 2028
सूर्योदय 06:17 सूर्यास्त 17:59 चंद्रोदय 22:19 कार्तिक मास
कोच्चि, केरल, भारत · 9.94°, 76.26° · Asia/Kolkata (UTC+05:30)
सूर्योदय से सूर्योदय तक
- प्रतिकूल
- अनुकूल
- अंग बदलता है
दिन
06:17 से 17:59 तक- रोग
- उद्वेग
- चर
- लाभ
- अमृत
- काल
- शुभ
- रोग
- दुर्मुहूर्त 08:38 – 09:24
- यमगंड 09:13 – 10:40
- अभिजीत मुहूर्त 11:45 – 12:31
- गुलिक काल 12:08 – 13:36
- राहु काल 15:03 – 16:31
- 12:57 साध्य योग आरंभ
- 15:03 पुनर्वसु नक्षत्र आरंभ
- 17:29 कृष्ण षष्ठी तिथि आरंभ
- 17:29 गर करण आरंभ
रात
17:59 से अगले दिन 06:18 तक- काल
- लाभ
- उद्वेग
- शुभ
- अमृत
- चर
- रोग
- काल
- प्रदोष 17:59 – 20:27
- ब्रह्म मुहूर्त 04:39 – 05:28 वर्तमान प्रचलन: रात का 14वाँ मुहूर्त
- अगले दिन 05:12 वणिज करण आरंभ
पंचांग के पाँच अंग
- तिथि कृष्ण पंचमी 17:29 तक
- नक्षत्र आर्द्रा 15:03 तक · स्वामी राहु
- योग सिद्ध 12:57 तक
- करण तैतिल 17:29 तक, फिर गर
- वार मंगलवार स्वामी मंगल
- चंद्र और सूर्य चंद्र मिथुन में सूर्य तुला में
- 12:57 साध्य योग आरंभ
- 15:03 पुनर्वसु नक्षत्र आरंभ
- 17:29 कृष्ण षष्ठी तिथि आरंभ
- 17:29 गर करण आरंभ
- अगले दिन 05:12 वणिज करण आरंभ
अशुभ समय
- दुर्मुहूर्त Muhūrta-cintāmaṇi 6.52, p. 275 08:38 – 09:24
- यमगंड Kālaprakāśikā pp. 175–176 09:13 – 10:40
- गुलिक काल Kālaprakāśikā pp. 175–176 12:08 – 13:36
- राहु काल Kālaprakāśikā pp. 175–176 15:03 – 16:31
शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त वर्तमान प्रचलन: रात्रि के 15 मुहूर्तों में 14वाँ, जो सूर्योदय से एक मुहूर्त पहले समाप्त होता है। मनुस्मृति ब्राह्म मुहूर्त का उल्लेख करती है; कुल्लूक इसे रात्रि का अंतिम याम मानते हैं, और गोविंदराज, जैसा कुल्लूक उनका मत बताते हैं, रात्रि का अंतिम मुहूर्त मानते हैं (Manusmṛti 4.92, p. 149)। 04:39 – 05:28
- अभिजीत मुहूर्त Muhūrta-cintāmaṇi 6.50, p. 274 (दिन का 8वाँ मुहूर्त); 6.52, p. 275 (बुधवार को नहीं) 11:45 – 12:31
- प्रदोष Muhūrta-cintāmaṇi 3.6 commentary, p. 125 (Skanda); Nirṇaya-sindhu p. 29; Vīramitrodaya, Samaya-prakāśa, p. 129 17:59 – 20:27
चौघड़िया
| रोग | 06:17 – 07:45 | प्रतिकूल |
|---|---|---|
| उद्वेग | 07:45 – 09:13 | प्रतिकूल |
| चर | 09:13 – 10:40 | सामान्य |
| लाभ | 10:40 – 12:08 | अनुकूल |
| अमृत | 12:08 – 13:36 | अनुकूल |
| काल | 13:36 – 15:03 | प्रतिकूल |
| शुभ | 15:03 – 16:31 | अनुकूल |
| रोग | 16:31 – 17:59 | प्रतिकूल |
| काल | 17:59 – 19:31 | प्रतिकूल |
|---|---|---|
| लाभ | 19:31 – 21:04 | अनुकूल |
| उद्वेग | 21:04 – 22:36 | प्रतिकूल |
| शुभ | 22:36 – अगले दिन 00:08 | अनुकूल |
| अमृत | 00:08 – अगले दिन 01:41 | अनुकूल |
| चर | 01:41 – अगले दिन 03:13 | सामान्य |
| रोग | 03:13 – अगले दिन 04:45 | प्रतिकूल |
| काल | 04:45 – अगले दिन 06:18 | प्रतिकूल |
होरा
असमान होरा: दिन और रात, दोनों के 12-12 भाग। इस विभाजन के लिए कोई मुद्रित स्रोत उद्धृत नहीं है।
समान होरा: हर होरा 60 मिनट (2.5 घटी) की होती है और विवाह-वृंदावन के अनुसार सूर्योदय से गिनी जाती है। 24वीं होरा अगले सूर्योदय तक चलती है। Muhūrta-cintāmaṇi 1.55, p. 49
- 06:17 अभीमंगल
- 07:16 अभीसूर्य
- 08:14 अभीशुक्र
- 09:13 अभीबुध
- 10:11 अभीचंद्र
- 11:10 अभीशनि
- 12:08 अभीगुरु
- 13:07 अभीमंगल
- 14:05 अभीसूर्य
- 15:03 अभीशुक्र
- 16:02 अभीबुध
- 17:00 अभीचंद्र
- 17:59 अभीशनि
- 19:00 अभीगुरु
- 20:02 अभीमंगल
- 21:04 अभीसूर्य
- 22:05 अभीशुक्र
- 23:07 अभीबुध
- अगला दिन
- 00:08 अभीचंद्र
- 01:10 अभीशनि
- 02:11 अभीगुरु
- 03:13 अभीमंगल
- 04:15 अभीसूर्य
- 05:16 अभीशुक्र
- 06:17 अभीमंगल
- 07:17 अभीसूर्य
- 08:17 अभीशुक्र
- 09:17 अभीबुध
- 10:17 अभीचंद्र
- 11:17 अभीशनि
- 12:17 अभीगुरु
- 13:17 अभीमंगल
- 14:17 अभीसूर्य
- 15:17 अभीशुक्र
- 16:17 अभीबुध
- 17:17 अभीचंद्र
- 18:17 अभीशनि
- 19:17 अभीगुरु
- 20:17 अभीमंगल
- 21:17 अभीसूर्य
- 22:17 अभीशुक्र
- 23:17 अभीबुध
- अगला दिन
- 00:17 अभीचंद्र
- 01:17 अभीशनि
- 02:17 अभीगुरु
- 03:17 अभीमंगल
- 04:17 अभीसूर्य
- 05:17 अभीशुक्र
लग्न (उदित राशि)
- 04:39 – 04:54 कन्या
- 04:54 – 06:59 तुला
- 06:59 – 09:09 वृश्चिक
- 09:09 – 11:17 धनु
- 11:17 – 13:12 मकर
- 13:12 – 14:57 कुंभ
- 14:57 – 16:39 मीन
- 16:39 – 18:29 मेष
- 18:29 – 20:33 वृषभ
- 20:33 – 22:44 मिथुन
- 22:44 – अगले दिन 00:51 कर्क
- 00:51 – अगले दिन 02:51 सिंह
- 02:51 – अगले दिन 04:50 कन्या
- 04:50 – अगले दिन 06:18 तुला
वैदिक दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है।
लाहिड़ी अयनांश · सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य-बिंब के केंद्र से, अपवर्तन सहित, समुद्र तल पर · Swiss Ephemeris · समय IST (UTC+5:30) में · विधि