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जयपुर पंचांग, 1 अक्टूबर 2027

शुक्रवार, 1 अक्टूबर 2027

सूर्योदय 06:20 सूर्यास्त 18:12 चंद्रोदय 07:25 आश्विन मास

जयपुर, राजस्थान, भारत · 26.92°, 75.79° · Asia/Kolkata (UTC+05:30)

सूर्योदय से सूर्योदय तक

  • प्रतिकूल
  • अनुकूल
  • अंग बदलता है

दिन

06:20 से 18:12 तक
  1. चर
  2. लाभ
  3. अमृत
  4. काल
  5. शुभ
  6. रोग
  7. उद्वेग
  8. चर
  • गुलिक काल 07:49 – 09:18
  • दुर्मुहूर्त 08:42 – 09:30
  • राहु काल 10:47 – 12:16
  • अभिजीत मुहूर्त 11:52 – 12:40
  • दुर्मुहूर्त 12:40 – 13:27
  • यमगंड 15:14 – 16:43
  • 13:26 चंद्र का तुला राशि में प्रवेश
  • 16:30 कौलव करण आरंभ
  • 18:11 वैधृति योग आरंभ

रात

18:12 से अगले दिन 06:20 तक
  1. रोग
  2. काल
  3. लाभ
  4. उद्वेग
  5. शुभ
  6. अमृत
  7. चर
  8. रोग
  • प्रदोष 18:12 – 20:38
  • ब्रह्म मुहूर्त 04:43 – 05:32 वर्तमान प्रचलन: रात का 14वाँ मुहूर्त
  • अगले दिन 00:49 स्वाति नक्षत्र आरंभ
  • अगले दिन 03:33 शुक्ल तृतीया तिथि आरंभ
  • अगले दिन 03:33 तैतिल करण आरंभ

पंचांग के पाँच अंग

  • तिथि शुक्ल द्वितीया अगले दिन 03:33 तक
  • नक्षत्र चित्रा अगले दिन 00:49 तक · स्वामी मंगल
  • योग इंद्र 18:11 तक
  • करण बालव 16:30 तक, फिर कौलव
  • वार शुक्रवार स्वामी शुक्र
  • चंद्र और सूर्य चंद्र कन्या में सूर्य कन्या में
  • 13:26 चंद्र का तुला राशि में प्रवेश
  • 16:30 कौलव करण आरंभ
  • 18:11 वैधृति योग आरंभ
  • अगले दिन 00:49 स्वाति नक्षत्र आरंभ
  • अगले दिन 03:33 शुक्ल तृतीया तिथि आरंभ
  • अगले दिन 03:33 तैतिल करण आरंभ

अशुभ समय

शुभ समय

चौघड़िया

दिन
चर 06:20 –⁠ 07:49 सामान्य
लाभ 07:49 –⁠ 09:18 अनुकूल
अमृत 09:18 –⁠ 10:47 अनुकूल
काल 10:47 –⁠ 12:16 प्रतिकूल
शुभ 12:16 –⁠ 13:45 अनुकूल
रोग 13:45 –⁠ 15:14 प्रतिकूल
उद्वेग 15:14 –⁠ 16:43 प्रतिकूल
चर 16:43 –⁠ 18:12 सामान्य
रात
रोग 18:12 –⁠ 19:43 प्रतिकूल
काल 19:43 –⁠ 21:14 प्रतिकूल
लाभ 21:14 –⁠ 22:45 अनुकूल
उद्वेग 22:45 –⁠ अगले दिन 00:16 प्रतिकूल
शुभ 00:16 –⁠ अगले दिन 01:47 अनुकूल
अमृत 01:47 –⁠ अगले दिन 03:18 अनुकूल
चर 03:18 –⁠ अगले दिन 04:49 सामान्य
रोग 04:49 –⁠ अगले दिन 06:20 प्रतिकूल

होरा

होरा पद्धति

असमान होरा: दिन और रात, दोनों के 12-12 भाग। इस विभाजन के लिए कोई मुद्रित स्रोत उद्धृत नहीं है।

समान होरा: हर होरा 60 मिनट (2.5 घटी) की होती है और विवाह-वृंदावन के अनुसार सूर्योदय से गिनी जाती है। 24वीं होरा अगले सूर्योदय तक चलती है। Muhūrta-cintāmaṇi 1.55, p. 49

  1. 06:20 अभीशुक्र
  2. 07:19 अभीबुध
  3. 08:18 अभीचंद्र
  4. 09:18 अभीशनि
  5. 10:17 अभीगुरु
  6. 11:17 अभीमंगल
  7. 12:16 अभीसूर्य
  8. 13:15 अभीशुक्र
  9. 14:15 अभीबुध
  10. 15:14 अभीचंद्र
  11. 16:13 अभीशनि
  12. 17:13 अभीगुरु
  1. 18:12 अभीमंगल
  2. 19:13 अभीसूर्य
  3. 20:14 अभीशुक्र
  4. 21:14 अभीबुध
  5. 22:15 अभीचंद्र
  6. 23:16 अभीशनि
  7. अगला दिन
  8. 00:16 अभीगुरु
  9. 01:17 अभीमंगल
  10. 02:18 अभीसूर्य
  11. 03:18 अभीशुक्र
  12. 04:19 अभीबुध
  13. 05:19 अभीचंद्र
  1. 06:20 अभीशुक्र
  2. 07:20 अभीबुध
  3. 08:20 अभीचंद्र
  4. 09:20 अभीशनि
  5. 10:20 अभीगुरु
  6. 11:20 अभीमंगल
  7. 12:20 अभीसूर्य
  8. 13:20 अभीशुक्र
  9. 14:20 अभीबुध
  10. 15:20 अभीचंद्र
  11. 16:20 अभीशनि
  12. 17:20 अभीगुरु
  1. 18:20 अभीमंगल
  2. 19:20 अभीसूर्य
  3. 20:20 अभीशुक्र
  4. 21:20 अभीबुध
  5. 22:20 अभीचंद्र
  6. 23:20 अभीशनि
  7. अगला दिन
  8. 00:20 अभीगुरु
  9. 01:20 अभीमंगल
  10. 02:20 अभीसूर्य
  11. 03:20 अभीशुक्र
  12. 04:20 अभीबुध
  13. 05:20 अभीचंद्र

लग्न (उदित राशि)

  1. 04:43 –⁠ 05:23 सिंह
  2. 05:23 –⁠ 07:37 कन्या
  3. 07:37 –⁠ 09:55 तुला
  4. 09:55 –⁠ 12:13 वृश्चिक
  5. 12:13 –⁠ 14:17 धनु
  6. 14:17 –⁠ 16:01 मकर
  7. 16:01 –⁠ 17:30 कुंभ
  8. 17:30 –⁠ 18:57 मीन
  9. 18:57 –⁠ 20:33 मेष
  10. 20:33 –⁠ 22:30 वृषभ
  11. 22:30 –⁠ अगले दिन 00:44 मिथुन
  12. 00:44 –⁠ अगले दिन 03:03 कर्क
  13. 03:03 –⁠ अगले दिन 05:19 सिंह
  14. 05:19 –⁠ अगले दिन 06:20 कन्या

वैदिक दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है।

लाहिड़ी अयनांश · सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य-बिंब के केंद्र से, अपवर्तन सहित, समुद्र तल पर · Swiss Ephemeris · समय IST (UTC+5:30) में · विधि